
भारत में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹62,500 करोड़ की Mobile Manufacturing Scheme (MPMS) को मंजूरी दी है। यह योजना अगले पांच वर्षों में देश में मोबाइल उत्पादन, घरेलू कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और भारतीय मोबाइल ब्रांड्स को बढ़ावा देने पर फोकस करेगी।
सरकार का लक्ष्य केवल भारत में मोबाइल असेंबल करना नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन के जरूरी कंपोनेंट्स की Local Sourcing, डिजाइन और R&D को भी बढ़ावा देना है। इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन और मजबूत होने की उम्मीद है।
₹62,500 करोड़ की Mobile Manufacturing Scheme क्या है?
Mobile Manufacturing Scheme यानी MPMS को केंद्र सरकार ने 15 जुलाई 2026 को मंजूरी दी। इस योजना की अवधि पांच साल होगी और यह FY 2026-27 से FY 2030-31 तक चलेगी।
इसका मुख्य उद्देश्य भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन बढ़ाना, घरेलू वैल्यू एडिशन को गहरा करना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और भारतीय कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी बनाना है।
यह योजना पहले की Production Linked Incentive (PLI) Scheme for Large Scale Electronics Manufacturing के बाद मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के अगले चरण को आगे बढ़ाएगी। पुरानी PLI-LSEM योजना 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी।
Local Sourcing पर मिलेगा Extra Incentive
इस नई योजना की सबसे खास बात घरेलू स्तर पर कंपोनेंट खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन है।
योजना के तहत भारत में मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को eligible sales पर 2.25% से 5% तक incentive मिलेगा। इसके अलावा, key components और sub-assemblies की domestic sourcing करने वाली कंपनियों को 1.5% तक अतिरिक्त incentive मिल सकता है।
इसका मतलब है कि सरकार कंपनियों को भारत में ही ज्यादा से ज्यादा कंपोनेंट और जरूरी पार्ट्स खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इससे आने वाले समय में मोबाइल फोन के कई पार्ट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ सकती है।
Indian Mobile Brands और R&D पर भी फोकस
सरकार का फोकस सिर्फ बड़ी विदेशी कंपनियों को भारत में मोबाइल बनाने के लिए आकर्षित करना नहीं है। नई योजना में Indian brands, product design और research & development (R&D) को भी बढ़ावा दिया गया है।
भारतीय ब्रांड्स के लिए product design और R&D से जुड़ी eligible sales पर अतिरिक्त 3% incentive का प्रावधान है।
इसका उद्देश्य भारत में ऐसे मोबाइल ब्रांड विकसित करना है जो केवल भारतीय बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि दुनिया के दूसरे देशों में भी अपने उत्पाद बेच सकें।
भारत को क्या फायदा होगा?
इस Mobile Manufacturing Scheme से भारत के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को कई स्तरों पर फायदा होने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा फायदा घरेलू manufacturing ecosystem को हो सकता है। अगर कंपनियां भारत से ज्यादा components खरीदती हैं, तो component manufacturers, suppliers और छोटे कारोबारियों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।
सरकार के अनुसार, योजना की अवधि में देश में cumulative mobile phone production करीब ₹39 लाख करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य है। साथ ही लगभग 60,000 direct jobs पैदा होने की उम्मीद है।
भारत पहले ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer बन चुका है। सरकार के अनुसार, भारत में इस्तेमाल होने वाले 99.2% मोबाइल फोन देश में ही बनाए जाते हैं।
Mobile Phone Exports को भी मिलेगा बढ़ावा
नई योजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य मोबाइल फोन के exports को बढ़ाना भी है। सरकार पांच साल की अवधि में करीब ₹15 लाख करोड़ के mobile phone exports का लक्ष्य लेकर चल रही है।
यह भारत को global electronics manufacturing और supply chain में और मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकता है।
भारत में बने smartphones पहले ही export market में महत्वपूर्ण स्थान बना चुके हैं। सरकार के अनुसार, 2025 में smartphones भारत के सबसे बड़े individual export product category के रूप में उभरे।
आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
यह योजना सीधे तौर पर आम मोबाइल यूजर्स को पैसे देने वाली योजना नहीं है। इसका लाभ मुख्य रूप से eligible mobile phone manufacturers और संबंधित manufacturing ecosystem को incentives के रूप में मिलेगा।
हालांकि, लंबे समय में इसका असर consumers पर भी पड़ सकता है। भारत में component manufacturing बढ़ने और supply chain मजबूत होने से manufacturing ecosystem अधिक competitive हो सकता है।
साथ ही, भारत में ज्यादा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने से electronics sector को भी फायदा मिल सकता है।
FAQs – Mobile Manufacturing Scheme 2026
1. Mobile Phone Manufacturing Scheme का बजट कितना है?
Mobile Phone Manufacturing Scheme का कुल budgetary outlay ₹62,500 करोड़ है।
2. यह योजना कितने साल के लिए है?
यह योजना पांच साल के लिए है और FY 2026-27 से FY 2030-31 तक चलेगी।
3. Local Sourcing पर कितना अतिरिक्त incentive मिलेगा?
Key components और sub-assemblies की domestic sourcing पर 1.5% तक अतिरिक्त incentive मिल सकता है।
4. Mobile manufacturing पर कितना incentive मिलेगा?
Eligible sales पर मोबाइल फोन manufacturers को 2.25% से 5% तक incentive दिया जाएगा।
5. क्या Indian mobile brands को भी फायदा मिलेगा?
हां। Indian brands के product design और R&D को बढ़ावा देने के लिए eligible sales पर 3% अतिरिक्त incentive का प्रावधान है।
निष्कर्ष
₹62,500 करोड़ की Mobile Phone Manufacturing Scheme भारत के electronics manufacturing sector के लिए एक बड़ा कदम है। इस योजना में production बढ़ाने के साथ-साथ local sourcing, domestic value addition, Indian brands, design और R&D पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अगर योजना के लक्ष्य सफल होते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत सिर्फ मोबाइल फोन assemble करने वाला देश नहीं, बल्कि mobile components, technology, design और Indian brands के क्षेत्र में भी मजबूत भूमिका निभा सकता है।